संगठनात्मक संरचना और नियम

संगठनात्मक संरचना और नियम

  1. राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय समिति का गठन करेंगे और राज्य अध्यक्षों के साथ-साथ महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ तथा अन्य विशेष प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।
  2. सभी राज्य अध्यक्ष राज्य समिति का गठन करेंगे तथा जिला, मंडल और महानगर समितियों की स्थापना करेंगे।
  3. राज्य अध्यक्ष राज्य के भीतर युवा प्रकोष्ठ, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ और अन्य विशेष प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की नियुक्ति भी करेंगे।
  4. युवा प्रकोष्ठ और अन्य प्रकोष्ठों के अध्यक्ष अपने-अपने जिला, मंडल और महानगर अध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।
  5. मंडल/जिला/महानगर अध्यक्ष तहसील और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।
  6. राष्ट्रीय/राज्य/मंडल/जिला/महानगर/युवा प्रकोष्ठ/प्रकोष्ठ/महिला प्रकोष्ठ 51 सदस्यों की एक समिति बना सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष की स्वीकृति से समिति का विस्तार किया जा सकता है।
  7. नियुक्ति के उपरांत, सभी अध्यक्षों को अपने-अपने समितियों का गठन कर, एक माह के भीतर राज्य/राष्ट्रीय कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  8. कोई भी मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, संघ का कार्यकर्ता बन सकता है।
  9. कार्यकर्ता बनने के लिए ₹100 वार्षिक प्राथमिक सदस्यता शुल्क का भुगतान अनिवार्य है। सक्रिय सदस्य बनने के लिए ₹500 वार्षिक शुल्क देना होगा।
  10. एक राष्ट्रीय पदाधिकारी को न्यूनतम 100 प्राथमिक सदस्य और 50 सक्रिय सदस्य बनाना अनिवार्य है।
  11. एक राज्य पदाधिकारी को न्यूनतम 50 प्राथमिक सदस्य और 25 सक्रिय सदस्य बनाना आवश्यक है।
  12. जिला/महानगर/युवा प्रकोष्ठ/अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को न्यूनतम 25 प्राथमिक सदस्य और 15 सक्रिय सदस्य बनाना अनिवार्य है।
  13. किसी भी कार्यकर्ता/पदाधिकारी को हटाने से पहले संबंधित अध्यक्ष द्वारा एक सप्ताह का नोटिस दिया जाएगा। नोटिस अवधि के बाद मामला अनुशासन समिति एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, और इस विषय पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा।
  14. प्रत्येक महानगर, जिला, राज्य, राष्ट्रीय, युवा प्रकोष्ठ एवं सभी प्रकोष्ठों (महिला प्रकोष्ठ सहित) की मासिक बैठक अनिवार्य होगी। बैठक के एजेंडा और निर्णय राज्य/राष्ट्रीय कार्यालय को भेजना अनिवार्य है।
  15. किसी भी बैठक के लिए अधिकारियों/कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह पूर्व सूचना दी जाएगी, किंतु आपात स्थिति में कभी भी बैठक बुलाई जा सकती है।
  16. प्रत्येक तीन वर्ष में राज्य समिति के निर्णय एवं राष्ट्रीय समिति की सहमति से किसी भी जिले में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सक्रिय सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से राज्य अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।
  17. प्रत्येक दो वर्ष में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा। स्थान का निर्धारण राष्ट्रीय समिति द्वारा सभी राज्य अध्यक्षों की सहमति से किया जाएगा।
  18. भारतीय किसान यूनियन इंडिया का ध्वज हरे रंग का होगा, जिसमें आधिकारिक लोगो अंकित होगा। लोगो गोलाकार होगा, जिसमें भारत का मानचित्र, खेत जोतते बैलों की जोड़ी, और गेहूँ की दो बालियाँ दर्शाई जाएँगी, तथा चारों ओर “भारतीय किसान यूनियन इंडिया” नाम लिखा होगा।
  19. जब भी राष्ट्रीय/राज्य पदाधिकारी किसी जिले का दौरा करेंगे, तो भोजन एवं प्रेस वार्ता की व्यवस्था संबंधित जिला और महानगर समिति द्वारा की जाएगी।
  20. प्रत्येक सक्रिय सदस्य के पास संघ की पहचान पत्र होना अनिवार्य है, जिसकी वैधता एक वर्ष की होगी।